केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय डाक कर्मचारियों के वास्ते परफॉर्मेंस बेस्ड बोनस (PLB) यानी वार्षिक बोनस की घोषणा कर दी है। संचार मंत्रालय के डाक विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह बोनस 60 दिनों के वेतन के बराबर प्रदान किया जाएगा।
पात्रता और गणना का तरीका
विभाग के अनुसार, यह लाभ पाने वाले कर्मचारियों में एमटीएस, ग्रुप 'सी' और गैर-राजपत्रित ग्रुप 'बी' के कर्मी शामिल होंगे। इस बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की वेतन सीमा तय की गई है। नियमित कर्मचारियों के लिए पीएलबी निकालने का फार्मूला औसत वेतन को बोनस के दिनों से गुणा करके 30.4 से भाग देना है। वेतन के घटकों में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), एसबी भत्ता, ड्यूटी भत्ता और प्रशिक्षण भत्ता शामिल हैं। अधिकतम सीमा को ध्यान में रखते हुए नियमित कर्मियों के लिए अनुमानित अधिकतम पीएलबी करीब 13,816 रुपये बैठती है।
ग्रामीण डाक सेवकों के लिए प्रावधान
जो ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) पूरे साल ड्यूटी पर रहे हैं, उनके टाइम संबंधी निरंतरता भत्ता (TRCA) और महंगाई भत्ते को जोड़कर 12 से विभाजित किया जाएगा। यदि यह राशि 7,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक होती है, तो उसे 7,000 रुपये तक ही सीमित रखा जाएगा। इसके आधार पर ग्रामीण डाक सेवकों के लिए भी अधिकतम पीएलबी लगभग 13,816 रुपये रहने का अनुमान है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच इस्तीफा देने वाले, रिटायर होने वाले, सेवा छोड़ने वाले या विभाग के भीतर अथवा बाहर प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कर्मचारी भी इस बोनस के पात्र माने जाएंगे। हालांकि विभाग ने कुल वितरित होने वाली सटीक राशि का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन अधिकतम गणना का फॉर्मूला स्पष्ट कर दिया गया है।
Sources: AajTak, Dainik Bhaskar, Jagran.




