Monday, 19 October 2026

क्रिकेटर रिंकू सिंह का पालतू डॉगी ब्रूडो चार दिन बाद सुरक्षित मिला

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह का पालतू कुत्ता ब्रूडो चार दिन की तलाश के बाद आखिरकार सुरक्षित मिल गया है। उसके लापता होने से परिवार काफी चिंतित था।

क्रिकेटर रिंकू सिंह का पालतू डॉगी ब्रूडो चार दिन बाद सुरक्षित मिला

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और उनके परिवार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, क्योंकि उनका लापता पालतू कुत्ता चार दिन बाद आखिरकार मिल गया है। ब्रूडो नाम का यह डॉगी पिछले कुछ दिनों से गायब था, जिससे पूरा परिवार काफी परेशान चल रहा था।

ब्रूडो के लापता होने की घटना

परिवार के सदस्यों के अनुसार, यह घटना अलीगढ़ की ओजोन सिटी के गोल्डन स्टेट हाउसिंग सोसाइटी की है। ब्रूडो अपने घर से सुबह टहलने के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने आस-पास के पार्कों और सोसाइटी के भीतर उसकी काफी खोजबीन की। सीसीटीवी फुटेज में भी वह एक पार्क की तरफ जाते हुए नजर आया था, जिसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था।

परिवार की चिंता और सोशल मीडिया अपील

कुत्ते के चार दिन तक न मिलने के कारण पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में था। स्थिति को देखते हुए रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने एक भावुक वीडियो साझा करते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाई थी। नेहा ने बताया था कि ब्रूडो उनके परिवार का एक अहम हिस्सा है और सभी लोग उसकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं। पहचान के लिए यह भी बताया गया था कि ब्रूडो गोल्डन रंग का लैब्राडोर है और उसने गले में लाल रंग का बेल्ट पहना हुआ है।

चार दिन बाद सुरक्षित वापसी

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 17 अक्टूबर को ब्रूडो एक गांव में सुरक्षित मिल गया। उसकी वापसी की पुष्टि करते हुए नेहा सिंह ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी किया। इस वीडियो में वह ब्रूडो के साथ बेहद खुश नजर आ रही हैं और संकट के समय मदद करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद अदा कर रही हैं। नेहा ने यह भी साझा किया कि इन चार दिनों में उन्हें ब्रूडो की बहुत याद आ रही थी, लेकिन अब उसके वापस लौटने से घर में फिर से खुशी का माहौल है।

Sources: AajTak, News18 Hindi, Amar Ujala.

Written by

Akhil Pandey

Akhil Pandey is a Senior Editor responsible for reviewing, refining, and improving editorial content to ensure clarity, accuracy, and readability. His editorial approach focuses…