मनोज जरांगे ने किसानों के मुद्दों को लेकर बुलाई दशहरा रैली
मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र में कृषि संकट और किसानों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए नारायणगढ़ में दशहरा रैली का आह्वान किया है।

मनोज जरांगे द्वारा किसानों के मुद्दों पर नई रैली की घोषणा
मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र में गंभीर कृषि संकट और किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए एक नई दशहरा रैली का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस आगामी आयोजन का मुख्य केंद्र किसानों की कठिनाइयां होंगी और इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच नहीं बनाया जाएगा।
कृषि संकट और किसानों की प्रमुख परेशानियां
जालना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान, जरांगे ने राज्य के किसानों के सामने आ रही भारी मुश्किलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य न मिलने, कुओं के सूखने, फसलों को हुए बड़े पैमाने पर नुकसान और पानी तथा चारे की भारी कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने संकट से घिरे किसानों से अपील की है कि वे आत्महत्या जैसा कोई भी कदम न उठाएं और मिलकर इस परिस्थिति का सामना करें।
राज्य सरकार की राहत राशि पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 14 अक्टूबर को घोषित की गई दीपावली पूर्व पांच हजार रुपये की अग्रिम सहायता राशि को जरांगे ने अपर्याप्त और किसानों का अपमान बताया है। उनका आरोप है कि सूखाग्रस्त घोषित किए गए अधिकांश तालुकों के किसानों को इस सहायता को पाने के लिए जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर मंत्रियों के आवासों की सजावट पर भारी धन खर्च किया जा रहा है जबकि जरूरतमंद किसानों को पर्याप्त मदद नहीं मिल पा रही है।
अंतरवाली सराटी गांव के विकास की मांग
मंत्री पंकजा मुंडे द्वारा मराठा आरक्षण आंदोलन के केंद्र रहे अंतरवाली सराटी गांव को गोद लेने की घोषणा का जरांगे ने स्वागत किया है। उन्होंने मांग की है कि गांव में चार लेन की सड़क, सीमेंट-कंक्रीट मार्ग, पेवर ब्लॉक लगाने के साथ-साथ स्कूलों, मंदिरों और मस्जिदों के आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जाए। उन्होंने गांव को आदर्श बनाने के लिए वहां शराब की दुकान को स्थायी रूप से बंद करने की भी मांग रखी है।
Sources: Hindustan, ThePrint Hindi, दैनिक भास्कर हिन्दी.



