Sunday, 18 October 2026

स्मित मच्छर ने साझा किए फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले के खौफनाक पल

फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने कॉकपिट में हुए हमले की दर्दनाक आपबीती सुनाई है, जिसमें सिर पर जोरदार वार किए जाने के बाद भी उन्होंने यात्रियों की जान बचाने की संघर्ष जारी रखा।

स्मित मच्छर ने साझा किए फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले के खौफनाक पल

कॉकपिट के अंदर घटी खौफनाक घटना

फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने हाल ही में उस डरावनी घटना को याद किया है जब उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर उन पर अचानक हमला कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि सिर पर जोरदार वार लगने के कारण वह बार-बार होश खो रहे थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया। मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि उस वक्त उनके मन में बस यही विचार आया था कि वह इस तरह से अपनी मौत स्वीकार नहीं कर सकते।

घटना की पूरी पृष्ठभूमि

दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 सामान्य रूप से संचालित हो रही थी। उड़ान शुरू होने के लगभग दो घंटे बाद, को-पायलट हमाम अल हमामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई, जिसके सम्मान में कैप्टन ने अपना ध्यान दूसरी तरफ कर लिया। इसी दौरान उनके सिर के पिछले हिस्से पर तीव्र प्रहार किया गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान की छत का कोई हिस्सा टूटकर गिर गया है, लेकिन कुछ ही सेकंड्स के भीतर उन्हें समझ आ गया कि यह एक सुनियोजित हमला था।

खुद को बचाने और प्लेन को संभालने का संघर्ष

हमले के बाद कैप्टन की नजरें धुंधली होने लगीं और उन्हें बार-बार बेहोशी महसूस होने लगी। उन्होंने अपनी सीट बेल्ट खोली और आगे के वार से बचने की कोशिश की, जिससे उनके हाथ में भी चोट लग गई। उन्होंने दूसरे कैप्टन को कॉकपिट में बुलाने का प्रयास किया और दरवाजा खोलने वाले स्विच तक पहुंचने की कोशिश की। हालांकि हमलावर की धमकी के बाद दरवाजा फिर बंद हो गया, लेकिन बाद में वह दरवाजा खोलने में सफल रहे जिससे यात्रियों और क्रू को दखल देने का मौका मिल गया।

आपातकालीन लैंडिंग और जांच

विमान में सवार यात्रियों, केबिन क्रू और ड्यूटी पर नहीं रहे अन्य पायलटों ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और हमलावर को काबू में किया। इसके बाद दूसरे पायलटों ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और इसे सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ दिया, जहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग संपन्न हुई। विमान में मौजूद सभी 180 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच विमान को हाईजैक करने की कोशिश के रूप में कर रहे हैं। घटना के बाद कैप्टन स्मित को अस्पताल में चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी बहादुरी की प्रशंसा दुनिया भर के कई नेताओं द्वारा की गई है।

Sources: Aaj Tak, Jagran, Hindustan.

Written by

Anil Pandey

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