भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में प्रशासनिक बदलाव
चुनाव आयोग के प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं, जिसके तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निर्वाचन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के बीच यह फेरबदल हुआ है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फरवरी 2025 में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के शुरुआती 20 महीनों के दौरान लगभग 18 से 20 मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है, जिसे कम समय में अधिकारियों के फेरबदल की बड़ी कवायदों में गिना जा रहा है।
विभिन्न अवधियों में तबादलों के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, पिछले कार्यकाल के मुकाबले हालिया दौर में तबादलों की रफ्तार अधिक रही है:
- फरवरी 2025 से अब तक: ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के शुरुआती 20 महीनों में लगभग 18 से 20 मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का तबादला हुआ।
- मई 2022 से फरवरी 2025: पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के करीब 33 महीने के कार्यकाल के दौरान लगभग 23 मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को बदला गया था, जिस दौरान लोकसभा चुनाव भी संपन्न हुए थे।
- पूर्ववर्ती 41 महीने: सुनील अरोड़ा और सुशील चंद्रा के कार्यकाल में करीब 29 अधिकारियों के तबादले हुए थे।
राज्यवार मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के फेरबदल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के तबादलों की शुरुआत वर्ष 2025 में बिहार से हुई थी, जो SIR प्रक्रिया से गुजरने वाला पहला राज्य था। इसके बाद अप्रैल 2025 से लेकर साल के अंत तक नगालैंड, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, लद्दाख और लक्षद्वीप में नए अधिकारियों की नियुक्तियां की गईं।
वर्ष 2026 में भी यह सिलसिला जारी रहा, जिसके तहत जनवरी में पंजाब, फरवरी में दिल्ली और गुजरात, मार्च में सिक्किम तथा अप्रैल में चंडीगढ़ में नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए। इसके अलावा, जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, वहां भी अधिकारियों के स्तर पर बदलाव किए गए हैं।
उप निर्वाचन आयुक्तों के स्तर पर भी बदलाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अतिरिक्त, निर्वाचन सदन में उप निर्वाचन आयुक्तों (DEC) के स्तर पर भी कम से कम चार बड़े प्रशासनिक बदलाव दर्ज किए गए हैं। मई 2025, सितंबर 2025 और अक्टूबर 2026 के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्तियां की गईं, जिससे स्पष्ट होता है कि SIR प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के भीतर व्यापक स्तर पर फेरबदल किए गए हैं।
Sources: Hindustan, News18 Hindi, BBC.




