Friday, 6 November 2026

चीनीमंडी: त्रिवेणी की गन्ना पेराई योजना और कीमतों पर असर

त्रिवेणी इंजीनियरिंग ने 2026-27 सत्र की गन्ना पेराई रणनीति को पुनः मूल्यांकन किया, जबकि घरेलू चीनी कीमतों में मजबूती की उम्मीद की जा रही है।

चीनीमंडी: त्रिवेणी की गन्ना पेराई योजना और कीमतों पर असर

त्रिवेणी ने गन्ना पेराई की रणनीति पर फिर किया विचार; चीनी की कीमतें मजबूत रहने की उम्मीद

त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारी बारिश के बाद 2026-27 पेराई सत्र के लिए अपनी गन्ना पेराई योजना को दोबारा जांचना शुरू कर दिया है। कंपनी ने कहा कि शुरुआती स्टॉक में कमी और गन्ना उत्पादन में अनिश्चितता के कारण घरेलू चीनीमंडी में कीमतें निकट भविष्य में मजबूत रह सकती हैं।

बुढ़ाना की बजाज शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू: कैन कैरियर में गन्ना डालकर 2026-27 सत्र का शुभारंभ

उत्तरी प्रदेश में बुढ़ाना स्थित बजाज शुगर मिल ने 2026-27 सत्र के लिए गन्ना डालना शुरू किया है। यह कदम दिवाली से पहले यूपी की नौ चीनी मिलों में पेराई शुरू होने के साथ संरेखित है, जिससे मौसमी मांग को पूरा करने की तैयारी स्पष्ट होती है।

दिवाली से पहले यूपी की 9 चीनी मिलों में गन्ना पेराई शुरू

दिवाली के त्यौहार से पहले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नौ शुगर मिलों ने गन्ना पेराई शुरू कर दी है। यह कार्यकुशलता मौसमी बाजार में आपूर्ति को स्थिर रखने और कीमतों में अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

मुख्य कारण और सरकारी हस्तक्षेप

त्रिवेणी ने बताया कि कच्ची चीनी के 10 लाख टन तक के शुल्क‑मुक्त आयात की अवधि 31 December 2026 तक बढ़ा दी गई है। साथ ही मासिक रिलीज कोटा और अन्य ट्रैफ़िक रेट क्वोटा (TRQ) उपायों से कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को सीमित किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

वैश्विक स्तर पर, 2026 के निचले स्तर से चीनी कीमतों में सुधार देखा गया है। ब्राज़ील का उत्पादन, भारत की व्यापार नीति और प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को मुख्य कारक माना गया है।

एथेनॉल नीति में बदलाव

सरकार ने 2026-27 एथेनॉल सप्लाई वर्ष में तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की टेंडर में गन्ने के रस, शुगर सिरप और बी‑हेवी मोलेसिस को बाहर रखा है, जिससे शुगर से एथेनॉल निर्माण की मात्रा शून्य हो गई है। इसके बजाय, मक्का, टूटे चावल और FCI के अतिरिक्त चावल से एथेनॉल उत्पादन की अनुमति दी गई है, जिसमें मक्का‑आधारित एथेनॉल की कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है।

आगे का मार्ग

त्रिवेणी की प्राथमिकता है कि वह खेत‑स्तर पर बारिश के प्रभाव का सही‑सही आकलन कर पेराई का उचित समय निर्धारित करे। कंपनी ने बताया कि वह गन्ना विकास, चीनी रिकवरी में सुधार और मिलों की तैयारियों पर विशेष ध्यान देगी, जबकि मौसमी स्थितियों के अनुसार पेराई की गति तय होगी।

Sources: ChiniMandi, Dainik Bhaskar, Tractor Junction.

Frequently asked questions

What factors are expected to keep Indian sugar prices strong?
Triveni Engineering cites low opening stocks, uncertain cane output, extended duty‑free raw sugar import window and monthly release quotas as reasons for price stability.
How is Triveni adjusting its cane‑sowing schedule after heavy rains?
The company is reassessing field conditions in Uttar Pradesh, evaluating cane maturity, water‑logging and access before deciding when to start and accelerate sowing.
What was the net profit reported by Triveni for Q2 FY 2026-27?
Triveni posted a consolidated post‑tax net profit of 94 crore rupees for the second quarter of FY 2026-27.
How have government policies affected ethanol production from sugar?
The 2026-27 ethanol supply year excludes sugarcane juice, syrup and B‑heavy molasses from OMC tenders, effectively removing sugar diversion for ethanol, while allowing corn, broken rice and other molasses.
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…