डॉलर की गति: जियो IPO और RBI के कदमों से रुपया 8वें दिन 94.62 पर
रुपया 8वें लगातार सत्र में डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, शुरुआती कारोबार में 94.62 पर पहुँचा, मुख्य कारण जियो IPO से डॉलर इनफ़्लो और RBI की हस्तक्षेप।

रुपया 21 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में 94.62 प्रति डॉलर तक पहुँचा, जिससे यह आठवें लगातार सत्र में डॉलर के मुकाबले बढ़त बनाए रखता है। इस गति के पीछे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े विदेशी डॉलर इनफ़्लो और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के बाजार हस्तक्षेप प्रमुख कारण हैं।
रुपये की डॉलर पर लगातार 8वें दिन बढ़त! Jio IPO और RBI की स्ट्रेटजी ने दिया सहारा
जियो आईपीओ के सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के दौरान विदेशी निवेशकों ने डॉलर बेचकर रुपये हासिल किए, जिससे फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में डॉलर की आपूर्ति बढ़ी। इस प्रक्रिया में उन्होंने अक्सर स्पॉट मार्केट में डॉलर बेचने और एक सप्ताह से कम अवधि के सेल‑बाय स्वैप का उपयोग किया, जिससे रुपये को अतिरिक्त समर्थन मिला।
रुपया शुरुआती कारोबार में 29 पैसे चढ़कर 94.62 प्रति डॉलर पर
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 94.78 पर खुला और बाद में 94.62 तक गिरा, जबकि सोमवार को 94.91 पर बंद हुआ था। यह सुधार मुख्यतः विदेशी निवेशकों के आईपीओ अलॉटमेंट के दौरान डॉलर को रुपये में बदलने की रणनीति से आया। अधिक विवरण के लिए Jio IPO विवरण देखें।
RBI के एक्शन और फॉरेक्स पर रोक से रुपया छह हफ़्ते के हाई के करीब पहुंचा
RBI ने फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में आवश्यकता के अनुसार डॉलर खरीदने या बेचने की नीति अपनाई, जिससे अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को रोका गया। बुधवार को डॉलर की मांग को सीमित करने के लिए RBI के समर्थन को भी रुपये की मजबूती का एक कारण माना गया।
कच्चे तेल की कीमतों का संभावित प्रभाव
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 % बढ़कर 110.33 USD प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.58 पर मामूली बढ़त दिखा रहा है। उच्च तेल कीमतें भारत की आयात लागत को बढ़ा सकती हैं, जिससे आयातकों को अधिक डॉलर खरीदना पड़ेगा और संभावित रूप से रुपये पर दबाव बढ़ेगा।
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले ट्रेडिंग सत्र में रुपये 94.00‑94.75 के दायरे में रह सकता है, लेकिन यह दिशा विदेशी डॉलर इनफ़्लो, RBI के कदम और तेल कीमतों के बदलते परिदृश्य पर निर्भर करेगी।
Sources: AajTak, ThePrint Hindi, Investing.com भारत.



