Sunday, 18 October 2026

गोविंद मोहन मामले में DMRC और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दिए जवाब

सुप्रीम कोर्ट में मेट्रो स्टेशन बंद करने और प्रतिबंधों के मामलों पर DMRC और दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं।

गोविंद मोहन मामले में DMRC और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दिए जवाब

हालिया घटनाक्रम के तहत, गोविंद मोहन से जुड़े अवमानना मामले में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC और दिल्ली पुलिस ने देश की शीर्ष अदालत में अपने आधिकारिक हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। यह मामला दिल्ली में मेट्रो स्टेशन और सड़कों को बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लेने के आरोपों से संबंधित है।

DMRC और दिल्ली पुलिस ने दाखिल किए हलफनामे

DMRC के चेयरपर्सन की ओर से पेश किए गए हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शनिवार को कुल 303 में से सिर्फ 45 मेट्रो स्टेशनों पर ही आवाजाही के लिए एंट्री और एग्जिट बंद की गई थी। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पूरी तरह चालू रखी गई थी और आसपास के स्टेशनों को भी खुला रखा गया था।

कॉरपोरेशन ने यह भी स्वीकार किया कि उस शनिवार को मेट्रो यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य दिनों के 58 लाख के मुकाबले घटकर केवल 32 लाख पर आ गई। इसके पीछे जारी विरोध प्रदर्शनों को मुख्य कारण बताया गया है, जिसके कारण लोगों ने यात्रा करने तथा अपने रोजमर्रा के कामों से परहेज किया था।

दिल्ली पुलिस का पक्ष और पाबंदियों पर जवाब

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने भी अदालत में अपना हलफनामा सौंपा है। पुलिस का कहना है कि अधिसूचित प्रतिबंधित क्षेत्र के बाहर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 65 के अंतर्गत हिरासत में लेने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि धारा 163 के तहत तय किए गए प्रतिबंधित क्षेत्र की अधिसूचना में जंतर-मंतर थाने के अधिकार क्षेत्र से बाहर के कई अन्य इलाके भी शामिल हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की समीक्षा की जा रही है ताकि आम जनता के लिए आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।

Sources: AajTak, Jagran, Hindustan.

Written by

Akhil Pandey

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