कर्मचारी भविष्य निधि में नया आंशिक निकासी ढांचा
कर्मचारी भविष्य निधि (PF) से पैसे निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 1 जुलाई 2026 से नई शर्तें लागू की हैं। अब पात्र सदस्यों को अपने कुल PF बैलेंस का अधिकतम 75 % निकालने की अनुमति है, जबकि कम से कम 25 % राशि को खाते में न्यूनतम बैलेंस के रूप में रखना अनिवार्य है।
मुख्य परिवर्तन और पात्रता मानदंड
नए नियमों के तहत सेवा अवधि की न्यूनतम सीमा सिर्फ 12 महीने रखी गई है, जिससे अधिक कर्मचारियों को जल्दी से निकासी का अधिकार मिलता है। निकासी की राशि में कर्मचारी एवं नियोक्ता दोनों के योगदान तथा जमा ब्याज शामिल होते हैं।
निकासी के लिए मान्य कारण और बार‑बारता
- आवश्यक जरूरतें: बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी – इन मामलों में 12 महीने की सेवा पूरी होने पर आवेदन किया जा सकता है। बीमारी के लिए एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम तीन बार, पढ़ाई के लिए पूरे सदस्यता में दस बार, और शादी के लिए पाँच बार निकासी की अनुमति है।
- आवास संबंधी जरूरतें: घर या प्लॉट खरीदना, मकान बनवाना, होम लोन चुकाना या मरम्मत – इन उद्देश्यों के लिए भी 12 महीने की सेवा आवश्यक है और पूरी सदस्यता में अधिकतम पाँच बार निकासी की सीमा है।
- विशेष परिस्थितियां: बेरोजगारी, स्थायी विकलांगता, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति आदि – बेरोजगारी में सदस्य तुरंत 75 % तक निकाल सकता है, शेष राशि 12 महीने बाद उपलब्ध होगी।
क्यों रखनी है न्यूनतम 25 % बैलेंस?
रिटायरमेंट के बाद पर्याप्त बचत सुनिश्चित करने के लिए यह प्रावधान है। बार‑बार निकासी से भविष्य में मिलने वाले ब्याज और चक्रवृद्धि लाभ घट सकते हैं, इसलिए कम से कम एक चौथाई राशि को खाते में बनाए रखना अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया
नए नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट https://www.epfindia.gov.in/ देखी जा सकती है। आवेदन से पहले सभी शर्तें और दस्तावेज़ों की जाँच करना आवश्यक है।
भविष्य में संभावित परिवर्तन
नियमों में बदलाव की संभावना हमेशा रहती है, इसलिए सदस्यों को EPFO के अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। नियमित रूप से वेबसाइट पर अपडेटेड गाइडलाइन पढ़ने से अनावश्यक गलतियों से बचा जा सकता है।
Sources: AajTak, Jagran, News18 Hindi.




