सहारा रिफंड पोर्टल पर हुआ बड़ा बदलाव, अब पूरी रकम के लिए करें आवेदन
सहारा इंडिया में फंसा पैसा निकालने वाले निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सहकारिता मंत्रालय ने रिफंड प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव कर नए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

सहारा रिफंड पोर्टल नियमों में बदलाव और नए अपडेट
सहारा इंडिया में फंसे निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, जिसके तहत अब निवेशक अपनी पूरी राशि प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन दावा कर सकते हैं। सहकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया है कि निवेशकों की सहूलियत के लिए नियमों में बदलाव किए गए हैं।
पहले की तरह अब सिर्फ सीमित राशि जैसे 50,000 या 10 लाख रुपये तक की सीमा नहीं है, बल्कि पात्र जमाकर्ता अपनी पूरी फंसी हुई रकम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए सरकार की ओर से कदम उठाए गए हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
नए हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक पोर्टल
पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों या सहायता के लिए सरकार ने तीन नए हेल्पलाइन नंबर 011-44716198, 011-44716498 और 011-44716887 जारी किए हैं। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 तक 9,585 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही रिफंड की जा चुकी है।
पात्र जमाकर्ता आधिकारिक वेबसाइट सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन करने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है, इसलिए किसी भी एजेंट या अनजान व्यक्ति को पैसे न दें।
किन सोसायटियों के निवेशक कर सकते हैं आवेदन?
यह सुविधा चुनिंदा चार सहकारी समितियों के निवेशकों के लिए उपलब्ध कराई गई है:
- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ
- सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल
- हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता
- स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद
वेरिफिकेशन और री-सबमिशन प्रक्रिया
जमाकर्ताओं द्वारा क्लेम करने के बाद सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज द्वारा 30 दिनों के भीतर दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके पश्चात अगले 15 दिनों के भीतर यानी कुल 45 दिनों की अवधि में एसएमएस या पोर्टल के जरिए निर्णय की सूचना दे दी जाती है। जिन लोगों के आवेदन में किसी प्रकार की कमी पाई गई है या पेमेंट फेल होने का मैसेज आया है, वे री-सबमिशन पोर्टल री-सबमिशन लिंक पर जाकर अपनी त्रुटियों को सुधार सकते हैं।
Sources: Hindustan, Dainik Bhaskar, Prabhat Khabar.



