Monday, 2 November 2026

दिल्ली हाईकोर्ट का याचिका पर बड़ा फैसला, वोटर लिस्ट में नाम के लिए भरें फॉर्म-6

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटे लोगों को राहत देते हुए बिना किसी कानूनी डर के फॉर्म-6 भरने की अनुमति दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट का याचिका पर बड़ा फैसला, वोटर लिस्ट में नाम के लिए भरें फॉर्म-6

दिल्ली हाईकोर्ट की याचिका पर महत्वपूर्ण राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। अदालत ने एक अहम मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोग बिना किसी कानूनी भय के फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करवा सकते हैं।

फॉर्म-6 को लेकर क्या थी आशंका

सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि याचिकाकर्ताओं के मन में एक बड़ी गलतफहमी और डर था। चूंकि एसआईआर प्रक्रिया से पहले उनका नाम मतदाता सूची में मौजूद था और वे पहले मतदान भी कर चुके थे, इसलिए उन्हें आशंका थी कि फॉर्म-6 भरने पर उन्हें 'गलत घोषणा' (False Declaration) के आरोप में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। नियमों के तहत फॉर्म-6 का इस्तेमाल अमूमन नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए किया जाता है, जिसमें यह प्रमाणित करना होता है कि आवेदक पहली बार सूची में नाम जुड़वा रहा है।

अदالت ने दूर किया कानूनी कार्रवाई का डर

जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की पीठ ने इन सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ किया कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के निर्देश पर निर्वाचन आयोग के वकील ने खुद फॉर्म-6 भरने का सुझाव दिया था। इसी संदर्भ में दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि इस प्रक्रिया के तहत आने वाले आवेदनों पर कानून के अनुसार पूरी तरह से निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे क्या कदम उठा सकते हैं मतदाता

इस स्पष्ट आदेश के बाद, वे लाखों नागरिक जो एसआईआर प्रक्रिया के कारण वोटर लिस्ट से बाहर हो गए थे, अब निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल पर जाकर फॉर्म-6 भर सकते हैं। अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि प्रक्रिया में भाग लेने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से डरने की आवश्यकता नहीं है।

Sources: AajTak, Dainik Bhaskar, India TV Hindi.

Frequently asked questions

दिल्ली हाईकोर्ट की याचिका पर क्या फैसला आया है?
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोग बिना किसी डर के फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
फॉर्म-6 भरने पर क्या कानूनी कार्रवाई का डर है?
नहीं, अदालत ने इस आशंका को पूरी तरह निराधार और गलतफहमी बताया है।
मतदाता सूची से नाम क्यों हटाया गया था?
पुराने पते से शिफ्ट होने और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान गणना प्रपत्र पूरा न हो पाने के कारण नाम हटाए गए थे।
आवेदन कहां किया जा सकता है?
लोग निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…