दिल्ली परिवहन निगम ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए लागू किए कड़े नियम
हालिया बस हादसों के बाद दिल्ली परिवहन निगम ने ओवरस्पीडिंग और लापरवाही रोकने के लिए कड़े जुर्माने और नए निर्देश लागू किए हैं।

दिल्ली परिवहन निगम के नए और कड़े निर्देश
हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर दिल्ली परिवहन निगम ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कई सख्त नियम लागू किए हैं। निगम ने बस संचालन करने वाली कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ओवरस्पीडिंग और मोबाइल उपयोग पर जुर्माना
बसों की गति पर लगातार नजर रखी जाती है और निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाने पर चालकों पर आर्थिक दंड लगाया जाता है। इसके अलावा, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है और औचक निरीक्षण के दौरान ऐसा करते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
सुरक्षा जांच और बस स्टॉप की औचक निगरानी
अक्सर डिपो या टर्मिनलों पर खड़ी गाड़ियों को दोबारा शुरू करते समय हादसे हो जाते हैं, जिसे रोकने के वास्ते चालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें गाड़ी आगे बढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आसपास कोई व्यक्ति मौजूद न हो। इसके अतिरिक्त, तय किलोमीटर पूरे करने की जल्दबाजी में स्टॉप छोड़ने की शिकायतों के चलते इस महीने से प्रतिदिन 50 बस स्टॉप की औचक जांच की जा रही है। स्टॉप पर गाड़ी न रोकने की पुष्टि होने पर चालक और बस संचालक दोनों पर जुर्माना ठोका जाएगा।
दुर्घटनाओं और चालकों की योग्यता पर एक्शन
किसी भी गंभीर हादसे की स्थिति में संबंधित चालक को जांच पूरी होने तक काम से हटा दिया जाता है, जबकि जानलेवा दुर्घटना होने पर उसे तुरंत ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया जाता है। जांच में दोषी साबित होने पर आरोपी चालक को निगम की कोई भी बस चलाने से हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है। चालकों के चयन और प्रबंधन के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे निगम के प्रशिक्षण स्कूल से प्रशिक्षित हों, मेडिकल जांच में पास हों और बस मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) में पंजीकृत हों, ताकि थकान या दोहरी ड्यूटी जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
Sources: Jagran, India TV Hindi, Dainik Bhaskar.



