Monday, 2 November 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय में आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत बढ़ाने की याचिका वापस ली गई

आशुतोष रांका और सौरव दास ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी हिरासत बढ़ाने के विरोध में दायर याचिका को वापस ले लिया, अदालत ने उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई का इंतज़ार करने का सुझाव दिया।

दिल्ली उच्च न्यायालय में आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत बढ़ाने की याचिका वापस ली गई

आशुतोष रांका और सौरव दास ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को वापस ले लिया है। अदालत ने उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने सुनवाई का इंतज़ार करने का सुझाव दिया।

दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्देश

वकीलों को बताया गया कि यदि उनके मुवक्किलों को एसईएम की सुनवाई के बाद भी हिरासत में रखा गया तो वे सीधे हाई कोर्ट में रिट याचिका के बजाय सेशन कोर्ट में अपील कर सकते हैं। इस सलाह को स्वीकार कर दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली।

हिरासत बढ़ाने के कारण

अदालत ने हिरासत बढ़ाने के दो मुख्य कारण बताए: पहला, पिछले आचरण में कानून के प्रति अनादर और शांति भंग की गंभीर आशंका; दूसरा, प्रस्तुत ज़मानतियों को अस्वीकार्य मानना। इन कारणों के आधार पर एसईएम रितु राज ने 19 अक्टूबर को पहले दो दिन की हिरासत बढ़ाई थी और 19 अक्टूबर को इसे दो और दिन तक बढ़ाया।

पुलिस का दावा और बॉन्ड उल्लंघन

दिल्ली पुलिस का कहना है कि रिहा होने के तुरंत बाद रांका और दास ने फिर से जंतर‑मंतर में प्रदर्शन का आह्वान किया। पुलिस ने बताया कि 13 अक्टूबर को वे जेडीयू कार्यालय के परिसर से कूदकर जंतर‑मंत्र पहुंचे और नारेबाज़ी शुरू की। इस पर एसईएम ने उन्हें बीएनएसएस धारा 130 के तहत नोटिस जारी कर पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।

आगे की प्रक्रिया

यदि अदालत आगे भी हिरासत बढ़ाती है, तो रांका और दास को सेशन कोर्ट में अपील का अधिकार है। वर्तमान में वे एसईएम के अगले सुनवाई का इंतज़ार कर रहे हैं। इस मामले में सीजेपी के लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर जल्द सुनवाई की मांग की है।

Sources: BBC, AajTak, Dainik Bhaskar.

Frequently asked questions

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रांका और दास की याचिका पर क्या निर्णय दिया?
अदालत ने उनके वकीलों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई का इंतज़ार करने की सलाह दी और उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।
हिरासत बढ़ाने के पीछे अदालत ने कौन‑से कारण बताए?
अदालत ने पिछले आचरण में कानून के प्रति अनादर, शांति भंग की आशंका और प्रस्तुत ज़मानतियों की असमानता को मुख्य कारण बताया।
यदि हिरासत दोबारा बढ़ती है तो रांका और दास को क्या विकल्प है?
वे सीधे हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर करने के बजाय सेशन कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
क्या इस मामले में पुलिस ने कोई नया आरोप लगाया?
पुलिस ने दावा किया कि रांका और दास ने रिहाई के बाद फिर से जंतर‑मंतर में प्रदर्शन का आह्वान किया और बॉन्ड का उल्लंघन किया।
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…