Saturday, 7 November 2026

गेहूँ की कीमतों में उछال, दिल्ली के बाजार में पहुंचा नया स्तर

दिल्ली के बाजारों में गेहूँ की कीमतें इस सीजन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सरकार द्वारा ओएमएसएस के तहत दूसरी बिक्री निविदा जारी किए जाने के बावजूद दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

गेहूँ की कीमतों में उछال, दिल्ली के बाजार में पहुंचा नया स्तर

दिल्ली बाजार में गेहूँ के दाम सर्वोच्च स्तर पर

दिल्ली के बाजारों में गेहूँ के दाम बढ़कर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं, जो मौजूदा सीजन का सबसे उच्चतम भाव है। सरकारी स्तर पर खुला बाजार बिक्री योजना (OMSS) के तहत दूसरी बिक्री निविदा लाए जाने के बाद भी कीमतों में जारी तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है।

जब सरकार ने OMSS निविदा की घोषणा की थी, तब बाजार में भाव 2,970 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था। तब से लेकर अब तक दरों में 130 रुपये प्रति क्विंटल यानी लगभग 4.4 फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है।

मांग और उपलब्धता का असंतुलन

विशेषज्ञों के अनुसार, दूसरी बिक्री निविदा के आने के बावजूद कीमतों का ऊपर बने रहना यह साफ संकेत देता है कि खुले बाजार में गेहूँ की मांग काफी मजबूत है और उसके मुकाबले आपूर्ति सीमित है। पिछली अवधि में ओएमएसएस की बिक्री में देरी के चलते निजी व्यापारियों तथा स्टॉकिस्टों का स्टॉक धीरे-धीरे कम होता चला गया। हालांकि बीते सीजन में सरकारी खरीद अधिक होने के कारण निजी क्षेत्र में उपलब्धता घटी है, लेकिन सरकार का केंद्रीय भंडार अभी भी बहुत आरामदायक स्थिति में बना हुआ है।

केंद्रीय पूल में मजबूत स्टॉक

अक्तूबर माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के केंद्रीय पूल में लगभग 460 लाख टन गेहूँ का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है, जो बीते वर्ष के इसी माह में 333 लाख टन था। पिछले तीन से चार वर्षों से लगातार देश के सरकारी भंडारों में स्टॉक में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा से दिवाली) तक घरेलू स्तर पर गेहूँ की मांग बहुत अच्छी बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में काला सागर क्षेत्र के हालात के कारण सप्लाई बाधित है और वैश्विक दाम ऊंचे हैं। भारत में हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी के कारण घरेलू गेहूँ अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा से बाहर हो चुका है, जिसके चलते वर्तमान में केवल बांग्लादेश ही भारत से गेहूँ की मांग कर रहा है।

Sources: Amar Ujala, Jagran, Investing.com भारत, Jagran.

Frequently asked questions

दिल्ली के बाजार में गेहूँ की कीमत क्या है?
दिल्ली के बाजार में गेहूँ की कीमतें उछلकर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गई हैं, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
कीमतों में लगातार तेजी क्यों आ रही है?
बाजार में गेहूँ की मांग मजबूत है और इसके मुकाबले खुले बाजार में उपलब्धता सीमित है। ओएमएसएस की बिक्री में देरी के कारण निजी व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के पास स्टॉक कम हो गया है।
केंद्रीय पूल में गेहूँ का कितना स्टॉक है?
अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में करीब 460 लाख टन गेहूं का स्टॉक है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है।
निर्यात के संबंध में क्या स्थिति है?
काला सागर क्षेत्र की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम ऊंचे होने के कारण केवल बांग्लादेश ही भारत से गेहूँ उठा रहा है।
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…