TRAI ने दूरसंचार क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के लिए नए नियम जारी किए
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने टेलीकॉम सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित उपयोग के लिए नए दिशा-निर्देश और मसौदा प्रस्ताव पेश किए हैं।

दूरसंचार सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए नए दिशा-निर्देश
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के दूरसंचार क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को विनियमित करने के लिए नए शुरुआती ड्राफ्ट जारी किए हैं। इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नेटवर्क और सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ किया जाए।
जोखिम श्रेणियों के आधार पर वर्गीकरण
नए नियमों के दायरे में वे सभी कंपनियां आएंगी जो सिम कार्ड, कॉलिंग सेवाएं, टावर लगाने या नेटवर्क संचालन का कार्य करती हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, इन सेवा प्रदाताओं को अपने एआई टूल्स को खतरे के स्तर के अनुसार तीन श्रेणियों—उच्च, मध्यम और कम जोखिम—में विभाजित करना होगा। यह वर्गीकरण इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित प्रणाली सेवाओं और नेटवर्क के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
बोर्ड की मंजूरी और मानव निगरानी अनिवार्य
कंपनियों को अपने आंतरिक नियमों में यह स्पष्ट करना होगा कि एआई प्रणालियों पर इंसानों की निगरानी लगातार बनी रहे। इसके साथ ही, किसी भी नई प्रणाली को लागू करने से पहले संबंधित बोर्ड से अनुमोदित नीति का होना आवश्यक है। ज्यादा जोखिम वाले टूल्स के लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति जरूरी होगी, जबकि कम जोखिम वाले मामलों में छोटे स्तर के अधिकारियों की मंजूरी ली जा सकेगी।
ग्राहक सुरक्षा और शिकायतों का समाधान
नियामक के इन प्रस्तावों में डेटा सुरक्षा और शिकायतों के निपटान पर भी विशेष जोर दिया गया है। यदि किसी ग्राहक को तकनीक के मनमाने या त्रुटिपूर्ण उपयोग से कोई असुविधा या नुकसान होता है, तो संबंधित सेवा प्रदाता को एक तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान करना होगा। साथ ही, कंपनियों को अपनी सभी चालू और बंद एआई प्रणालियों का एक अद्यतन रिकॉर्ड भी रखना होगा।
Sources: Navbharat Times, Hindustan, Amar Ujala.



