Sunday, 8 November 2026

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, बैंक को ऋण माफ करने का दिया निर्देश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सेवा में कमी के मामले में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऋण ब्याज समेत माफ करने और क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, बैंक को ऋण माफ करने का दिया निर्देश

उपभोक्ता आयोग का कड़ा निर्देश और ऋण से जुड़े आदेश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सेवा में कमी पाए जाने पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा को उपभोक्ता को राहत देने का निर्देश दिया है, जिसमें ब्याज सहित बकाया राशि को माफ करने की बात कही गई है। यह मामला कर्ज माफी और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी लापरवाहियों पर एक बड़ी मिसाल बनता नजर आ रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि और ऋण विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्रैया क्षेत्र के एक निवासी के पिता ने वाहन खरीदने के लिए बैंक से वित्तीय सहायता ली थी। इस ऋण को चुकाने के लिए किस्तें तय की गई थीं। शुरुआत में कुछ भुगतानों के बाद पारिवारिक या स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के चलते आगे की किस्तें नियमित रूप से जमा नहीं हो सकीं। परिवादी का आरोप है कि बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना के वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और बाद में उसे बेच दिया, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बैंक का पक्ष और आयोग का निर्णय

सुनवाई के दौरान बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वित्तीय सहायता नियमानुसार स्वीकृत की गई थी और किस्तों का भुगतान समय पर नहीं किया गया था। बैंक ने अपने रिकॉर्ड पेश करते हुए किसी भी प्रकार की सेवा में कमी के आरोपों को खारिज किया और मामले को खारिज करने की मांग की। हालांकि, दोनों पक्षों के दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन समीक्षा के बाद आयोग ने माना कि बैंक की तरफ से प्रक्रिया में खामियां थीं।

मुआवजा और अनुपालन के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीठ ने बैंक द्वारा जारी किए गए बकाया वसूली के नोटिस को निरस्त कर दिया। इसके अलावा, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह निर्धारित समयावधि के भीतर संपूर्ण प्रक्रिया का पालन करे और उपभोक्ता को हुई परेशानी के एवज में उचित मुआवजा भी प्रदान करे। इस फैसले से बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

Sources: Amar Ujala, Hindustan, ThePrint Hindi.

Frequently asked questions

उपभोक्ता आयोग ने बैंक को क्या निर्देश दिया है?
आयोग ने बैंक को 2.88 लाख रुपये का केसीसी ऋण ब्याज समेत माफ करने और 65 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
यह मामला किस बैंक से जुड़ा है?
यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चिलमा बाजार शाखा से जुड़ा है।
परिवादी ने आयोग में क्या शिकायत दर्ज कराई थी?
शिकायत के अनुसार, बीमारी के कारण किस्तों का भुगतान रुकने पर बैंक ने बिना पूर्व सूचना के लोडर कब्जे में ले लिया और बाद में उसे बेच दिया।
आदेश का पालन करने के लिए बैंक को कितना समय दिया गया है?
आयोग ने निर्णय के 45 दिन के भीतर आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है।
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…