लोकप्रिय भोजपुरी गायिका और अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने हाल ही में एक नया गाना 'बाढ़ में बिहार, छठी मइया खेवनहार' रिलीज किया है। यह गीत बिहार में हाल ही में आई कुदरत की मार और भयंकर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे आम जनजीवन के संघर्षों को समर्पित है।
बाढ़ की त्रासदी और लोक जीवन की भावनाएं
बिहार में बीते दिनों प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस संकट के माहौल में लोगों के भीतर के दर्द, उनकी लाचारी और संकट के समय देवी-देवताओं के प्रति गहरी उम्मीद को इस गाने के जरिए आवाज दी गई है। गीतकार मनोज भावुक ने परिवारों की पीड़ा, खेतों के नुकसान और रोजमर्रा के संघर्षों को बहुत सरल लेकिन दिल को छू लेने वाले शब्दों में पिरोया है। गाने में इस बात को प्रमुखता से दिखाया गया है कि कैसे इस त्योहारी मौसम में लोग दुर्गा मइया और छठी मइया से संकट टालने की गुहार लगा रहे हैं।
अक्षरा सिंह का जुड़ाव और फैंस की प्रतिक्रिया
यह गाना इस वजह से भी खास माना जा रहा है क्योंकि बाढ़ के दौरान खुद अक्षरा सिंह प्रभावित इलाकों में जाकर पीड़ितों की सहायता कर चुकी हैं। स्थानीय लोगों के दर्द को करीब से देखने के कारण उनकी आवाज में यह संवेदनशीलता साफ झलकती है। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर इस प्रस्तुति को काफी पसंद किया जा रहा है। श्रोताओं ने कमेंट्स में इस बात की सराहना की है कि आपदा के बीच यह गीत उनके दिलों को छू गया है और आंखों में आंसू ले आया है।
सांस्कृतिक और रचनात्मक पृष्ठभूमि
गीतकार मनोज भावुक इससे पहले भी बिहार से जुड़े पलायन, विस्थापन और सामाजिक मुद्दों पर कई लोकप्रिय लोकगीत लिख चुके हैं। हार्मनिया रिकॉर्ड्स के माध्यम से आया यह नया ट्रैक इसी संवेदनशील रचनात्मक सफर का अगला हिस्सा है, जो एक तरफ आपदा के दुख को तो दूसरी तरफ लोक जीवन की अटूट उम्मीद को प्रभावी ढंग से सामने लाता है।
Sources: AajTak, News18 Hindi, Hindustan.




