अनिल अंबानी की रिलायंस पावर पर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी को एक बड़ा झटका दिया है। विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड की 2032.81 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के बाद कंपनी के शेयरों और बैंक खातों पर प्रतिबंध लग गया है, जिससे वह फिलहाल इनका उपयोग नहीं कर सकती है।
रिलायंस पावर की संपत्ति और बैंक बैलेंस जब्त
कार्रवाई के तहत कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई सासन पावर लिमिटेड में मौजूद 2,026.65 करोड़ रुपये के शेयरों को फ्रीज किया गया है। इसके अलावा कुल 6.16 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस भी इस जब्ती आदेश के दायरे में आया है।
विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन का मामला
अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) की धारा 37A(1) के अंतर्गत की गई है। एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा मामला दो दशक पुराने मामलों से जुड़ा है। इसमें साल 2006 के दौरान जारी किए गए फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs) और वर्ष 2008 में सिंगापुर की सब्सिडियरी के माध्यम से किए गए विदेशी निवेश शामिल हैं।
कंपनी का पक्ष और मौजूदा स्थिति
रिलायंस पावर का कहना है कि उस वक्त किए गए सभी विदेशी निवेशों के लिए आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की गई थीं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सासन पावर लिमिटेड के जिन शेयरों को लेकर यह कदम उठाया गया है, वे पहले से ही पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में एक दशक से अधिक समय से गिरवी रखे हुए हैं।
दूसरी ओर, इस घटनाक्रम के बीच कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। बाजार में इस वर्ष अब तक इसके शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है, और कारोबार के दौरान शेयर नीचे के स्तर पर ट्रेड करते नजर आए हैं।
Sources: Jagran, Amar Ujala, ThePrint Hindi.




