गैस कनेक्शन की केवाईसी न कराने पर रोक
जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने गैस कनेक्शन की केवाईसी पूरी नहीं कराई है, उन्हें इस बार रसोई सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के हजारों उपभोक्ताओं ने बार-बार अपील और सूचना के बावजूद अब तक अपनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, जिसके चलते विभाग ने उनकी बुकिंग्स पर रोक लगा दी है।
बदायूं में रसोई गैस उपभोक्ताओं की स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की कुल संख्या लगभग सात लाख है। इनमें से 89,138 उपभोक्ताओं की केवाईसी अभी तक अधूरी है। पूर्ति विभाग द्वारा लगातार मैसेज भेजने, एजेंसियों के जरिए सूचना देने और अखबारों में प्रकाशित करने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।
क्यों अनिवार्य हुई गैस केवाईसी?
अधिकारियों के अनुसार, इस सख्ती के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी एशिया में हुआ युद्ध है। उस दौरान गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा था और केवल घरों तथा स्कूलों को ही आपूर्ति दी जा रही थी। इस प्रक्रिया की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि कई जगहों पर फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन चल रहे हैं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर कई कनेक्शन सक्रिय थे या फिर मृत लोगों के नाम पर भी गैस ली जा रही थी। इन अनियमितताओं के उजागर होने के बाद सरकार ने सभी के लिए बायोमेट्रिक केवाईसी अनिवार्य कर दी।
अगला कदम और प्रक्रिया
यद्यपि वर्तमान में गैस की आपूर्ति सामान्य हो चुकी है और सभी को सुचारू रूप से गैस दी जा रही है, परंतु जिन लोगों की केवाईसी लंबित है उनके कनेक्शन अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया बहुत सरल है और इसे पूरा करने में केवल दो से तीन मिनट का समय लगता है।
Sources: Jagran, Amar Ujala, Dainik Bhaskar.




