बीमा नीति में बदलाव की तैयारी, जानिए क्या होगा कंपनियों पर असर
बीमा पॉलिसी बेचने वाले एजेंटों के कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च पर नए नियम लाने की तैयारी चल रही है, जिसका असर कंपनियों पर पड़ सकता है।

बीमा नीति और नए नियमों की तैयारी
बीमा पॉलिसी बेचने वाले एजेंटों के कमीशन और बीमा कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूशन खर्च पर जल्द ही नए नियम आ सकते हैं। इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) इन बदलावों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इन नए नियमों का प्रभाव सीधे तौर पर बीमा कंपनियों और उनके लिए काम करने वाले एजेंटों पर पड़ सकता है।
LIC पर नए नियमों का संभावित प्रभाव
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर आर. दोराईस्वामी के अनुसार, कंपनी पहले से ही प्रस्तावित सीमाओं के दायरे में काम कर रही है, इसलिए उन्हें इन बदलावों से अधिक परेशानी होने की उम्मीद नहीं है। जिन बीमा कंपनियों का डिस्ट्रीब्यूशन खर्च उच्च स्तर पर है, उन्हें नए प्रावधानों के कारण अधिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। LIC ने हमेशा अपने पॉलिसी वितरण नेटवर्क के खर्च को सीमित रखा है और आंतरिक सीमाएं तय की हैं।
एजेंटों का कमीशन और भविष्य की योजनाएं
फिलहाल IRDAI के प्रस्तावित नियमों पर विचार-विमर्श जारी है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि एजेंटों की कमाई में कितनी कटौती होगी। हालांकि, LIC का कहना है कि वह अपने एजेंटों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना चाहती है। इसके अलावा, LIC ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस, सेविंग्स प्लान, एन्युटी और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) जैसे विभिन्न बीमा उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है।
ग्रामीण इलाकों में विस्तार और वित्तीय प्रदर्शन
प्रतिस्पर्धा के बीच अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए LIC का लक्ष्य देश की प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक बीमा सखी तैयार करना है, जिसमें से लगभग 66% पंचायतें इस पहल के दायरे में आ चुकी हैं। हाल ही में, सितंबर तिमाही में LIC का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 20.12% बढ़कर 12,076.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, और नेट प्रीमियम इनकम में भी 16.24% की बढ़ोतरी देखी गई है।



