उत्तराखंड के रामनगर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है जहाँ सिंचाई नहर के तेज बहाव में बहने से एक युवक की मौत हो गई। अपने बड़े भाई को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए छोटा भाई हिमांशु नहर में कूद गया था, लेकिन पानी के तीव्र प्रवाह के कारण वह खुद को नहीं बचा सका।
घटना का विवरण
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मालधन चौड़ नंबर तीन निवासी 23 वर्षीय हिमांशु बैलपड़ाव के एक रिसोर्ट में काम करता था। बुधवार शाम को वह अपने बड़े भाई अतुल के साथ रिसोर्ट से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में वे दोनों हाथीडगर नहर के समीप एक पुलिया पर बैठ गए। इसी दौरान बड़ा भाई अतुल अपना संतुलन खो बैठा और गहरी सिंचाई नहर में जा गिरा।
बचाव का असफल प्रयास
अतुल को नहर में गिरते देखकर उसके 23 वर्षीय भाई हिमांशु ने बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए छलांग लगा दी। बड़ा भाई अतुल तो किसी तरह सुरक्षित रूप से बाहर आने में कामयाब रहा, लेकिन पानी के अत्यधिक तेज बहाव के कारण हिमांशु पानी में आगे बहता चला गया।
घटना के बाद अतुल ने तुरंत मौके से गुजर रहे लोगों और डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पीरूमदारा चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद गुरुद्वारे के पास हिमांशु को पानी से बाहर निकाला गया और फौरन सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नहर से जुड़े पूर्व हादसे
स्थानीय जानकारों के मुताबिक हाथीडगर सिंचाई नहर लगभग दस से पंद्रह फीट गहरी है और यहाँ पहले भी कई ऐसे हादसे हो चुके हैं। इस साल जनवरी में पैर फिसलने और जुलाई में एक अज्ञात युवक के बहने से मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा अगस्त में भी एक व्यक्ति के नहर में गिरने की घटना हुई थी और पिछले साल जून में भी एक व्यक्ति की जान इसी तरह गई थी। सुरक्षा कारणों से इस खुली और चौड़ी नहर को कवर किए जाने की मांग लगातार उठती रही है।
Sources: Jagran, NDTV India, ABP News.




