Sunday, 8 November 2026

Dairy Farm Success Story: एक गाय से शुरू हुई डेयरी व्यवसाय की सफलता

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जुर्डा गांव के रहने वाले राकेश पटेल ने एक गाय से शुरुआत कर डेयरी व्यवसाय में बड़ी सफलता हासिल की है।

Dairy Farm Success Story: एक गाय से शुरू हुई डेयरी व्यवसाय की सफलता

डेयरी व्यवसाय में कड़ी मेहनत से मिली सफलता की अनूठी मिसाल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जुर्डा गांव के निवासी राकेश पटेल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से डेयरी व्यवसाय में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनकी यह यात्रा उन तमाम किसानों और युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है, जो सीमित पूंजी के साथ अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं।

शुरुआत और संसाधनों का सफर

राकेश पटेल ने साल 2012 में केवल एक गाय और 1,200 रुपये की पूंजी के साथ दूध बेचने का काम आरंभ किया था। प्रारंभिक दौर में वह साइकिल के जरिए घर-घर जाकर ग्राहकों को लगभग चार लीटर दूध प्रतिदिन पहुंचाते थे। सब्जियों की खेती से परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी न होने पर उन्होंने पशुपालन का रास्ता चुना। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने काम को लगातार जारी रखा और ग्राहकों का भरोसा जीता।

सरकारी योजनाओं और ऋण से हुआ विस्तार

पशुपालन विभाग की योजनाओं और उचित मार्गदर्शन ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें शुरुआत में पांच लाख रुपये का ऋण मिला जिसमें ढाई लाख रुपये की सब्सिडी शामिल थी। बाद में वर्ष 2016-17 के दौरान उन्होंने 12 लाख रुपये का ऋण लेकर पशुओं की संख्या में वृद्धि की। आज उनका यह सफर बढ़कर 117 पशुओं के एक बड़े डेयरी फार्म में तब्दील हो चुका है।

स्थानीय किसानों और रोजगार पर प्रभाव

यह डेयरी फार्म केवल राकेश पटेल के परिवार की आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि इससे कई अन्य लोग भी जुड़े हैं। आसपास के करीब 42 किसान परिवार अपना दूध नियमित रूप से यहां बेचते हैं जिससे उन्हें बाजार खोजने की कठिनाई नहीं होती। इसके अलावा, फार्म पर 10 महिलाओं और 6 युवाओं समेत कुल 16 लोगों को रोजगार मिला हुआ है जो पशुओं की देखभाल, दूध निकालने और साफ-सफाई जैसे कार्य संभालते हैं।

पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन

पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए वह पशुपालन विभाग की सलाह से कृत्रिम गर्भाधान और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेते हैं। इसके अतिरिक्त, वह 'पैरा दान महादान' अभियान के तहत किसानों से धान का पुआल एकत्र कर पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करते हैं और बदले में किसानों को आर्थिक सहयोग या गोबर प्रदान करते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।

Sources: Kheti Junction, News18 Hindi, Kheti Junction.

Frequently asked questions

राकेश पटेल ने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत कब की थी?
राकेश पटेल ने वर्ष 2012 में एक गाय और 1,200 रुपये से दूध बेचने का काम शुरू किया था।
वर्तमान में राकेश पटेल के पास कितने पशु हैं?
वर्तमान में उनके पास 117 पशु हैं।
व्यवसाय के विस्तार के लिए उन्हें कितना ऋण मिला था?
वर्ष 2016-17 में उन्होंने 12 लाख रुपये का ऋण लेकर गायों की संख्या बढ़ाई थी, जबकि उससे पहले उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण मिला था जिसमें ढाई लाख रुपये की सब्सिडी शामिल थी।
उनके डेयरी फार्म से कितने लोगों को रोजगार मिला है?
उनके फार्म में 16 लोग काम करते हैं, जिनमें 10 महिलाएं और छह युवा शामिल हैं।
Written by

Tanya Singh

Tanya Singh is a Junior Bengali Content Writer who specializes in creating engaging, informative, and reader-friendly content in Bengali. She focuses on presenting information in…