मेरी मिलबेन का अमेरिकी फंडिंग को लेकर बड़ा दावा
प्रसिद्ध अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भारत की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर एक गंभीर बयान दिया है। उनका आरोप है कि देश के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका से वित्तीय सहायता मिल रही है।
गायिका ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि भारत की व्यवस्था को खंडित करने और देश के विकास में बाधा उत्पन्न करने के लिए विदेशी डोनर्स द्वारा यह फंडिंग पहुंचाई जा रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके पर निशाना
मैरी मिलबेन ने विशेष रूप से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके का जिक्र किया है। उन्होंने देश के युवाओं से इस संगठन और उसकी गतिविधियों के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की है। उनके अनुसार, यह समूह और इसके समर्थक देश में अशांति फैलाने के प्रयासों में संलिप्त हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन
हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। इस दल ने चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है।
संबंधित घटनाक्रम के तहत, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया था। हालांकि, प्रशासन से अनुमति प्राप्त न होने के कारण पुलिस ने सख्ती बरती और अभिजीत दिपके सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका जैसे सदस्यों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
सेलिब्रिटी समर्थन और अन्य विरोध प्रदर्शन
इससे कुछ महीने पहले इसी पार्टी ने नीट परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ भी प्रदर्शन किया था, जिसमें प्रकाश राज, शबाना आज़मी और स्वरा भास्कर जैसी फिल्मी हस्तियों ने समर्थन दिया था। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए हालिया प्रदर्शन में भी मुंबई के कुछ कलाकार शामिल हुए थे, जिनमें आमिर खान के भांजे इमरान खान भी पहुंचे थे। पुलिस द्वारा उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिए जाने के बाद, उनकी नागरिकता को लेकर भी विभिन्न मांगें उठनी शुरू हो गई हैं।
Sources: AajTak, Hindustan, Dainik Bhaskar.




