फारूक अब्दुल्ला ने प्रशासनिक अधिकारी के आचरण पर उठाए सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में सामने आई एक घटना पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें एक महिला JKAS अधिकारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया था। श्रीनगर में दिए गए अपने बयान में उन्होंने इस आचरण को प्रशासनिक सेवा के पेशेवर मानकों के बिल्कुल विपरीत बताया है।
महिला JKAS अधिकारी और IAS अधिकारी के बीच विवाद पर प्रतिक्रिया
सामने आई जानकारी के अनुसार, एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान कथित रूप से एक IAS अधिकारी द्वारा महिला JKAS अफसर को चिल्लाते हुए बाहर जाने के लिए कहा गया था और सस्पेंड करने की धमकी दी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अधिकारियों का मुख्य दायित्व जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें हल करना है, न कि उनके साथ बुरा बर्ताव करना। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान ऐसा कुछ हुआ होता, तो संबंधित अधिकारी कुछ मिनट भी नहीं टिक पाता।
कार्यवाही और आगे की स्थिति
इस गंभीर मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल दोनों की तरफ से जांच के आदेश दिए जा चुके हैं, और JKAS एसोसिएशन ने भी इस पर अपनी बात रखी है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पक्षों का आधिकारिक पक्ष अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है, जिसके चलते पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी माना जा रहा है।
दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों पर भी बोले नेता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने इन प्रदर्शनों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह तानाशाही और हिटलर जैसी कार्यप्रणाली के खिलाफ उठ रही एक नई आवाज की शुरुआत है।
Sources: AajTak, India TV Hindi, Dainik Bhaskar.




