सरपंच चुनाव की जिद ने ली जान
राजस्थान के चूरू जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद के कारण अपने ही इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो गाड़ी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात तारानगर तहसील के चंगोई गांव में मंगलवार रात करीब 12:50 बजे हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
विवाद की मुख्य वजह
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चंगोई निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र जाट अपने गांव से सरपंच पद का चुनाव लड़ना चाहता था। हालांकि, उसका 40 वर्षीय बेटा रविंद्र और 35 वर्षीय बहू महिंद्रा उसे लगातार चुनाव लड़ने से मना कर रहे थे। इसी बात को लेकर पिछले कई दिनों से परिवार में तनाव चल रहा था और आए दिन कलह होती रहती थी।
घटना की खौफनाक रात
मंगलवार की रात घर पर इसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस और झगड़ा हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद रविंद्र और महिंद्रा गांव में स्थित अपने धर्मकांटे पर चले गए थे। उनके पीछे-पीछे रामचंद्र अपनी पत्नी धर्मा देवी के साथ वहां पहुंच गया, जहां फिर से तीखी नोकझोंक हुई। जब बेटा और बहू वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में रामचंद्र ने पीछे से अपनी बोलेरो लाकर दोनों को बेरहमी से कुचल दिया।
पुलिस जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर तारानगर के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को डिटेन किया जा चुका है और घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृत दंपती के परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि आरोपी की पत्नी सदमे में बेसुध हो गई हैं।
Sources: Dainik Bhaskar, AajTak, Dainik Bhaskar, ABP News.




