सर्जियो गोर ने रूस से तेल खरीद पर 100% टैरिफ के संकेत दिए
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक मंच पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों के संबंध में आगामी दस दिनों के भीतर निर्णय ले सकते हैं। इस संभावित फैसले का असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है जो ऊर्जा आयात करते हैं।
टैरिफ कानून और श्रेणियां
सितंबर की एक तारीख को ट्रंप ने एक अधिनियम पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया था। इस प्रावधान के तहत रूस से शीर्ष ऊर्जा आयात करने वाले या प्रतिबंधों के पालन में बाधा डालने वाले राष्ट्रों पर शत-प्रतिशत शुल्क लगाया जा सकता है। राजदूत के अनुसार, यह नीति किसी एक विशेष देश को निशाना नहीं बनाती है, बल्कि इसे तीन अलग-अलग श्रेणियों जैसे कि तेल, गैस और प्रतिबंधों के उल्लंघन के दायरे में विभाजित किया गया है, जिसके अंतर्गत भारत समेत कई अन्य देश भी आते हैं।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता
व्यापारिक संबंधों पर चर्चा करते हुए यह बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच डेढ़ साल से अधिक समय से जटिल बातचीत चल रही है। इसके बावजूद महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अधिकांश बड़े विषय सुलझा लिए गए हैं। हालांकि कुछ छोटे और नए बिंदु सामने आ सकते हैं, फिर भी दोनों देश शीघ्र ही एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका रक्षा, आईटी और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा रखता है।
Sources: AajTak, Dainik Bhaskar, Hindustan.




