पंजाब में अपनी तैनाती के स्थान को लेकर परेशान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलित अध्यापकों ने राज्य के शिक्षा मंत्री के पैतृक गांव में एक बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
विशेष तबादला नीति की मांग
गुरदासपुर जिले के ब्लॉक कलानौर में ईटीटी (ETT) 2364 शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में उन अध्यापकों की कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनकी ड्यूटियां उनके घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर लगाई गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे अपने घर से 250 से 300 किलोमीटर दूर तैनात हैं, जिसके कारण उन्हें हर रोज भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है।
यूनियन से जुड़े सदस्यों ने सरकार से अपील की है कि इन अध्यापकों को तत्काल प्रभाव से एक विशेष तबादला अवसर (स्पेशल ट्रांसफर) दिया जाए ताकि वे अपने गृह जिलों या नजदीकी क्षेत्रों में आकर अपनी सेवाएं दे सकें।
शिक्षा मंत्री के गांव में धरने का ऐलान
प्रशासन और सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाने के लिए शिक्षक संगठनों ने एक कड़ा कदम उठाया है। आगामी 18 अक्टूबर को ETT 2364 और ETT 5994 यूनियनों ने संयुक्त रूप से पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के पैतृक गांव गंभौरपुर (गंभीरपुर) में राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
यूनियन के नेताओं ने राज्यभर के तमाम शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे इस रोष प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करें। कलानौर के ब्लॉक प्रधान बलवंत सिंह सहित अमन परमार, परमजीत सिंह, ईश्वर दयाल, मिंदरपाल सिंह, गगनदीप सिंह और प्रिंस धोलिया जैसे कई प्रमुख शिक्षक नेता इस बैठक और आगामी तैयारियों में विशेष रूप से मौजूद रहे।
Sources: Dainik Bhaskar, Dainik Bhaskar, NDTV India.




