वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों की बड़ी मांगें सामने आईं
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को नए वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है, जबकि संगठनों ने भत्तों और महंगाई भत्ते में बदलाव के प्रस्ताव दिए हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आगामी वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। कर्मचारी संगठन केवल बेसिक सैलरी और पेंशन में बदलाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विभिन्न भत्तों में भी बड़े सुधार चाहते हैं।
हाउस रेंट अलाउंस और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर प्रस्ताव
देश के बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें और घर का किराया लगातार बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के ढांचे में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत X, Y और Z श्रेणी के शहरों के लिए HRA की दरें क्रमशः बेसिक सैलरी का 36%, 24% और 12% करने की मांग की गई है। इसके अलावा, बढ़ते सफर खर्च और ट्रैफिक की समस्याओं के कारण लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए कम से कम 9,000 रुपये प्रति महीने ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) देने की मांग भी रखी गई है।
रेलवे कर्मचारियों की मांगें और महंगाई भत्ता
रेलवे यूनियनों ने भी अपनी उम्मीदें जाहिर की हैं। चौबीसों घंटे ट्रेन संचालन और ट्रैक की देखरेख जैसे जोखिम भरे कार्यों में जुटे कर्मचारियों के लिए रिस्क और हार्डशिप अलाउंस बढ़ाने के साथ-साथ ड्रेस अलाउंस में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। दूसरी ओर, महंगाई भत्ता (DA) भी एक अहम चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें 70% DA होने पर उसे बेसिक सैलरी में मर्ज किए जाने की संभावनाओं पर बात हो रही है। हालांकि, इस तरह के विलय के लिए सरकार का निर्णय अनिवार्य होता है।
आगे की प्रक्रिया
कर्मचारी संगठनों द्वारा रखी गई इन तमाम मांगों को अभी अंतिम रूप से स्वीकृत नहीं माना जा सकता है। 8th pay commission pension commutation developments and updates से जुड़े घटनाक्रमों के बीच, आयोग इन प्रस्तावों पर विचार करेगा और अपनी सिफारिशें सौंपेगा। इसके बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने तथा विस्तृत निर्देश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कर्मचारियों को वास्तविक लाभ कब और कितना मिलेगा।



